TG/AP TET Special Practice Test - हिंदी (लोकोक्तियाँ: अत्यंत कठिन एवं अनुप्रयोग स्तर)
प्रश्नोत्तरी 1: सोहन ने अपने जीवन की सारी जमा-पूंजी एक अत्यंत अनाड़ी और अपरिचित व्यक्ति के हाथ में इस भरोसे सौंप दी कि वह उसे रातों-रात दोगुना कर देगा, परिणाम यह हुआ कि सब कुछ लुट गया। इस स्थिति पर सटीक बैठने वाली लोकोक्ति कौन सी है?
प्रश्नोत्तरी 2: एक प्रशासनिक अधिकारी ने अपने कार्यकाल के शुरुआती वर्षों में जमकर भ्रष्टाचार किया और जब जांच की आंच तेज हुई, तो उसने अपनी सारी संपत्ति धार्मिक ट्रस्ट और दान-पुण्य में लगानी शुरू कर दी ताकि खुद को पवित्र दिखा सके। इस चरित्र पर कौन सी लोकोक्ति सटीक बैठती है?
प्रश्नोत्तरी 3: एक छोटे से स्थानीय चुनाव में दो धुरंधर नेता आपस में भिड़ गए और चुनाव जीतने के लिए दोनों ने अपनी पूरी ताकत, प्रतिष्ठा और धन झोंक दिया, लेकिन जब परिणाम आया तो जीत एक ऐसे साधारण निर्दलीय उम्मीदवार की हुई जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इस परिदृश्य के लिए उपयुक्त लोकोक्ति है:
प्रश्नोत्तरी 4: किसी उच्चशिक्षित शोधार्थी ने अपने पूरे जीवन में केवल प्राचीन पांडुलिपियों का गहराई से अध्ययन किया, परंतु जब व्यावहारिक जीवन की जटिल समस्याओं को सुलझाने की बारी आई, तो वह बिल्कुल असमर्थ साबित हुआ। इस स्थिति को दर्शाने वाली सबसे उपयुक्त लोकोक्ति कौन सी है?
प्रश्नोत्तरी 5: एक चालाक व्यापारी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को बाजार से पूरी तरह मिटाने के लिए कई हथकंडे अपनाए, लेकिन जब सारे दांव उल्टे पड़ गए और उसका खुद का व्यवसाय दिवालिया होने की कगार पर आ गया, तब उसने अपनी हार स्वीकार करते हुए अहंकार छोड़ दिया। इसके लिए सही लोकोक्ति चुनें:
प्रश्नोत्तरी 6: निम्नलिखित में से कौन सी लोकोक्ति इस दार्शनिक सत्य को दर्शाती है कि मनुष्य को अपने पूर्व संचित कर्मों (अच्छे या बुरे) का परिणाम इस लोक में भोगना ही पड़ता है, उससे कोई नहीं बच सकता?
प्रश्नोत्तरी 7: जब कोई अत्यंत साधारण क्षमता वाला व्यक्ति किसी उच्च पद पर बैठकर बड़े-बड़े फैसले लेने का दिखावा करता है, तब ग्रामीण अंचल में किस लोकोक्ति का सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है?
प्रश्नोत्तरी 8: यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक गंभीर आर्थिक तंगी और दुखों को झेलने के बाद, किसी बहुत छोटी सी सहायता मिलने पर अत्यधिक प्रसन्न हो जाता है, तो इस मनोदशा पर कौन सी लोकोक्ति सटीक बैठेगी?
प्रश्नोत्तरी 9: एक राजनेता ने चुनाव से पहले जनता को लुभावने सपने दिखाए, बड़े-बड़े वादे किए, परंतु सत्ता में आने के बाद उसने जनता की सुधि तक नहीं ली। आम जनता अब आपस में कह रही है कि — इस संदर्भ में कौन सी लोकोक्ति चरितार्थ होती है?
प्रश्नोत्तरी 10: यदि कोई हठ्ठी और दुष्ट प्रवृत्ति का व्यक्ति प्रेम, सद्भाव और समझाइश की भाषा से बिल्कुल भी न सुधरे, बल्कि बार-बार गलती करे, तो उसके लिए कौन सा व्यवहारिक उपाय या लोकोक्ति अपनाई जाती है?
सभी प्रश्नों के सही उत्तर और विस्तृत स्पष्टीकरण ऊपर दर्शा दिए गए हैं।