TET Practice Test - मुहावरे | www.Guruvu.in
www.Guruvu.in - TET Practice Test (मुहावरे)
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1. किसी कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियों की मामूली गलतियों पर भी अत्यधिक सूक्ष्मता से दोषारोपण करता है और हर बात की तह तक जाकर अनावश्यक बहस करता है। इस स्थिति के लिए सटीक मुहावरा होगा:
A) बाल की खाल निकालना
B) गाजर-मूली समझना
C) ईंट से ईंट बजाना
D) हवा में बातें करना
स्पष्टीकरण:
बाल की खाल निकालना' का अर्थ है छोटी से छोटी या अनावश्यक बातों की सूक्ष्मता से जाँच करना या दोष निकालना।
2. यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की नैतिक आलोचना, उपदेश या सलाह से बिल्कुल अप्रभावित रहता है, और उस पर किसी बात का कोई असर नहीं होता, तो उसके लिए कौन सा मुहावरा सर्वाधिक उपयुक्त है?
A) चिकना घड़ा होना
B) छाती पर मूँग दलना
C) टका सा जवाब देना
D) 9-2-11 होना
स्पष्टीकरण:
'चिकना घड़ा होना' का अर्थ है बेशर्म होना या जिस पर किसी उपदेश या आलोचना का कोई प्रभाव न पड़े।
3. जब दो पक्षों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने के लिए बैठक बुलाई जाती है, लेकिन उनमें से एक पक्ष जानबूझकर वर्षों पुरानी, समाप्त हो चुकी बातों को दोबारा बहस का मुद्दा बनाकर समझौता बिगाड़ देता है, तो उस पक्ष के व्यवहार को दर्शाने वाला मुहावरा है:
A) आस्तीन का साँप होना
B) गड़े मुर्दे उखाड़ना
C) खरी-खोटी सुनाना
D) पानी-पानी होना
स्पष्टीकरण:
'गड़े मुर्दे उखाड़ना' का तात्पर्य पुरानी और बीत चुकी बातों या विवादों को फिर से वर्तमान में चर्चा का विषय बनाना है।
4. अपने ही बीच रहने वाला ऐसा कपटी या विश्वासघाती व्यक्ति जो मित्र बनकर भीतर से हानि पहुँचाने की फिराक में रहता है, उसके लिए उपयुक्त मुहावरा है:
A) आस्तीन का साँप
B) कागजी शेर
C) उल्लू सीधा करना
D) गूलर का फूल होना
स्पष्टीकरण:
'आस्तीन का साँप' का अर्थ ऐसा मित्र या निकटवर्ती व्यक्ति है जो गुप्त रूप से शत्रुता रखता हो और धोखा दे।
5. जब किसी संस्थान में कोई नया प्रबंधक बिना किसी व्यावहारिक अनुभव के केवल सैद्धांतिक और कागजी नीतियां बनाता है, जिनका धरातल पर क्रियान्वयन असंभव होता है, तो उसकी इस कार्यशैली के लिए उपयुक्त मुहावरा है:
A) कागजी घोड़े दौड़ाना
B) आसमान सिर पर उठाना
C) खरी-खोटी सुनाना
D) हाथ को हाथ न सूझना
स्पष्टीकरण:
'कागजी घोड़े दौड़ाना' का अर्थ केवल लिखित योजनाएं या कागजी कार्रवाई करना है जिसका वास्तविक धरातल पर कोई ठोस परिणाम न निकले।
6. किसी अत्यंत कठिन प्रतियोगिता परीक्षा में जब एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी अपनी कड़ी मेहनत से प्रथम रैंक प्राप्त करता है, तो उसके इस अभूतपूर्व प्रदर्शन को देखकर प्रतिद्वंद्वी चकित रह जाते हैं। इस आश्चर्य की स्थिति को दर्शाने के लिए मुहावरा होगा:
A) दाँतों तले उँगली दबाना
B) कलेजे पर पत्थर रखना
C) कान खड़े होना
D) खून पसीना एक करना
स्पष्टीकरण:
'दाँतों तले उँगली दबाना' का अर्थ अत्यधिक आश्चर्यचकित या विस्मित होना है।
7. जब कोई व्यक्ति अपने किसी गंभीर अपराध या झूठ के सार्वजनिक रूप से बेनकाब हो जाने पर अत्यधिक लज्जित और अपमानित महसूस करता है, तो उसके लिए किस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है?
A) पानी-पानी होना
B) फूला न समाना
C) हवाइयां उड़ना
D) पाँव उखड़ना
स्पष्टीकरण:
'पानी-पानी होना' का अर्थ अत्यंत लज्जित या शर्मिंदा होना है।
8. संकट के समय समूह या संगठन के साथ सहयोग करने के बजाय जब कोई व्यक्ति केवल अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और हितों के अनुसार स्वतंत्र रूप से कार्य करता है, तो इसके लिए सटीक मुहावरा है:
A) अपनी खिचड़ी अलग पकाना
B) अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना
C) अड़ियल टट्टू होना
D) आँख का तारा होना
स्पष्टीकरण:
'अपनी खिचड़ी अलग पकाना' का अर्थ है सबसे अलग या स्वार्थवश स्वतंत्र रूप से कार्य करना, समूह के साथ सहयोग न करना।
9. जब कोई व्यक्ति किसी कार्य में बार-बार असफल होने के बावजूद बिना सोचे-समझे जिद पकड़कर वही गलत तरीका अपनाता है जिससे उसका नुकसान तय हो, तो उसके लिए उपयुक्त मुहावरा है:
A) अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना
B) उल्टी गंगा बहाना
C) अंधेर नगरी चौपट राजा
D) नाच न जाने आँगन टेढ़ा
स्पष्टीकरण:
'अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना' का अर्थ स्वयं अपने पैरों पर विपत्ति लाना या अपना नुकसान स्वयं करना है।
10. किसी उच्च पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा नियमों को ताक पर रखकर केवल अपने चहेतों और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुँचाना और अपने स्वार्थ को सिद्ध करना कहलाता है:
A) अपना उल्लू सीधा करना
B) चोर की दाढ़ी में तिनका
C) घर की मुर्गी दाल बराबर
D) चिराग तले अंधेरा
स्पष्टीकरण:
'अपना उल्लू सीधा करना' का अर्थ अपना मतलब निकालना या स्वार्थ सिद्ध करना है।
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